Sunday, 26 January 2020

नमन वीर सपूतों को

------    नमन वीर सपूतों को    -----
  -----------------------
          शत-शत नमन उन वीर सपूतों को ,
           जिनके कारण हमें मिली आजादी । 
   शत-शत नमन विशेष कर उन वीर सपूतों को,
    जो स्वतंत्रता संग्राम में नींव की ईंट बन गए ।

     नींव की ईंट जिन्हें प्रसिद्धी की चाह नहीं ,
  सर्वस्व समर्पित कर जो खो गए गुमनामी में।
  चमक रहे कुछ स्वतंत्रता सेनानी रूपी कंगूरे ,
     इतिहास के पन्नों में, स्वर्ण अक्षरों में ।

      कंगूरे  जो उस नींव की ईंट पर हैं खड़े ।
   कंगूरे जिस पर प्रतिवर्ष हम माल्यार्पण करते ।
       राजनेता उन पर हैं राजनीति करते ।
  काश ! कोई देख पाता इस कंगूरे के नींव को ,
        कीचड़ में दब कर भी जो कंगूरे की ,
                मजबूती बनाये है खड़ा ।

त्याग, समर्पण की जिसकी हो निःस्वार्थ भावना,
    माल्यार्पण करवाने की न हो कोई कामना ।
         उनकी भावनाओं का दमन कर ,
           आज क्षुद्र राजनीति हो रही ।
          बाह्य आडम्बर को देख-देख ,
              उनकी आत्मा रो रही । 

             उनके बलिदानों पर नेता ,   
          आज स्वार्थ की रोटी सेंक रहे ।      
            गगन स्पर्शी आकांक्षाओ में ,
         कंगूरा बनने का सपना देख रहे । 
        अगर न होती मजबूत नींव ईंट की ,
           क्या कंगूरा चमकता वहाँ ?

       शत-शत नमन उन वीर सपूतों को ,
   खो गए जो इतिहास के गुमनाम पन्नों में ।
       वो लाल माँ का,वो सिंदूर नारी का ,
     वो राखी बहन का , वो सपूत देश का ।
  जो नींव की ईंट बन,कर गए सर्वस्व समर्पित ।
       शत-शत नमन उन वीर सपूतों को ।
               शत-शत नमन ।
----------+-----------------*सुनीता रानी राठौर------------

No comments:

Post a Comment