------"माँ शारदे वीणा वादिनी"-------
------------------------------------------------------
माँ शारदे वीणा वादिनी ,
शत-शत वंदन करूँ मैं अभिनंदन ।
जब हो हृदय में वास तुम्हारा ,
प्रतिभा से उल्लसित हो जीवन हमारा ।
ज्ञान की हो तुम भव्य फुलवारी ,
खुशबू से दमके दुनिया सारी ।
शिक्षित होते नर और नारी ,
पाकर माँ आशीष तुम्हारी ।
हृदय को ज्योतिर्मय कर दो ,
प्रेम, करुणा, नैतिकता भर दो ।
वीणा का झंकार छेड़ कर ,
स्वरों को अमृतमय कर दो ।
हृदय को प्रकाशित कर माँ ,
दो मुझे नव शब्द स्वर माँ ।
सांस की अंतिम अवधि तक,
दें सकूं संदेश माँ ।
प्रेरणा भर दो हृदय में ,
लिख सकूं नवगीत माँ ।
माँ शारदे वीणा वादिनी ,
शत-शत वंदन करूँ मैं अभिनंदन ।
------------+-----------
सुनीता रानी राठौर
No comments:
Post a Comment