Sunday, 1 November 2020

क्या गरीब का बच्चा सबको चोर लगता है ?

क्या गरीब का बच्चा सबको चोर लगता है ?
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इंसान की फितरत और मानसिकता ऐसी बन गई है कि वह इंसान की पोशाक उनकी रहन-सहन को देखकर अपना एक दृष्टिकोण बना लेता है। यह हकीकत है कि अमीरजादे कुछ भी करें उन्हें सभ्य नजर से आदर की दृष्टि से लोग देखते हैं जबकि गरीब के बच्चे की छोटी सी हरकत में भी अधिकांश लोगों को  बुराई नजर आती है। अमीरों की सोच ऐसी है कि वह दो पल में गरीबों पर चोरी का इल्जाम लगा देते हैं और साबित करने पर भी तुल जाते हैं जबकि ऐसी बात नहीं है हकीकत में गरीब अमीरों से ज्यादा ईमानदार और वफादार होते हैं। ईश्वर से डरते हैं, हर कदम सोच-समझकर रखते हुए कार्य करते हैं। 
हां, कभी-कभी ऐसी हालात उत्पन्न हो जाती है कि पेट की खातिर उनसे गलतियां हो जाती है पर उनकी इस हरकत से ऐसा कह देना कि गरीब चोर होते हैं यह नाइंसाफी है।
करोड़ों का घोटाला करने वाले अमीर लोग पाक साफ और इज्जतदार कहलाते हैं। अपनी हजार गलतियों को छुपा कर गरीबों पर इल्जाम लगाते हैं।
गरीब के बच्चे चोर होते हैं यह कहना बेबुनियाद और अमानवीयता का परिचायक है। मैंने अपने जीवन में जितना अधिक अमीरों को घोटाला करते, रिश्वत लेते हुए सुना है उसके अपेक्षा गरीबों को बहुत ही ईमानदारी से काम करते हुए देखा है।
       मेरा मानना है कि अमीर शौकिया लालच और स्वार्थ में घोटाले करते हैं जबकि गरीब मजबूरी में गलत काम करते हैं। इसलिए यह कहना कि गरीबों के बच्चे चोर होते हैं बिल्कुल सही नहीं है।
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                          सुनीता रानी राठौर 
                          ग्रेटर नोएडा ( उत्तर प्रदेश)

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