Sunday, 1 November 2020

क्या जीवन का मतलब सिर्फ दुनिया में आना जाना है?

क्या जीवन का मतलब सिर्फ दुनिया में आना जाना है?
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यह इंसान के मानसिक सोच पर निर्भर करता है कि वह अपने जीवन के संबंध में क्या सोच रखता है। कुछ लोगों का जीवन आराम तलब होने के कारण वह जिंदगी में सिर्फ मौज-मस्ती करना ही अपना ध्येय बना लेते हैं जबकि कुछ लोगों का मानना है कि जीवन अनमोल है, इस बहुमूल्य जीवन के पल- पल का सदुपयोग करते हुए अच्छे कर्मों के द्वारा अपना नाम उजागर कर सकें ताकि दुनिया से विदा लेने पर भी नाम अजर-अमर रहे।
      जीवन तो पशुओं को भी मिला है जिनका काम है खाना और सोना। अगर हम अपने सुकर्मों से अपने जीवन को सुसज्जित नहीं बनाए तो फिर पशुओं और हमारे जीवन में क्या फ़र्क रह जायेगा?
           मनुष्य योनि में जन्म लेना बहुत भाग्य की बात है। हम विवेकशील प्राणी होने के नाते अपने जीवन के हर क्षण को नेक कामों से अपने समाज और देश की भलाई में सदुपयोग करते हुए व्यतीत करते हैं तब हमें एक अद्भुत और अनुपम ख़ुशी का एहसास होता है असीम शांति महसूस होती है और यही नेक काम ईश्वरीय पूजा भी है।
           जीवन का मतलब सिर्फ दुनिया में आना जाना नहीं है बल्कि जो जीवन मिला है उसे 
 सत्कर्मों में लगाते हुए मानव जीवन को सफल बनाना है। अनैतिकता से दूर रहते हुए नैतिक आचरण और सद्व्यवहार के द्वारा लोगों के दिलों में जगह बनाना भी अपना धर्म होना चाहिए।
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                        सुनीता रानी राठौर
                   ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)

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