Monday, 17 August 2020

क्या बिना मतलब का झूठ याद रहते हैैं?

    हां,जब कोई बिना मतलब, बेवजह हम पर झूठा आरोप लगा दे तब वह आरोप मन को भेद देता है और हम उस झूठ को जीवनपर्यंत भूल नहीं पाते। 
     दूसरा, अगर हम कभी हंसी मजाक कोई झूठ बोल दें और उस झूठ का परिणाम सामने वाले व्यक्ति पर बुरा पड़ता है। कुछ गंभीर नुकसान के रूप में झेलना पड़ता है तब वह झूठ हमारी आत्मा पर बोझ बन जाता है और हम उसे कभी नहीं भूल पाते।
     बिना मतलब का झूठ बोलकर अगर कोई किसी व्यक्ति का सामाजिक क्षति पहुंचाता है मानसिक चोट पहुंचाता है तो वह व्यक्ति को आघात तो पहुंचाता ही है पर जो झूठ बोला उसकी भी कभी ना कभी आत्मा धिक्कारती है। वह चाह कर भी भूल नहीं पाता भले ही वह ऊपर से भूलने का दिखावा करता हो ।
     अतः परिस्थितिश कभी झूठ बोलना भी पड़े तो उतना ही बोले जिससे किसी व्यक्ति को मानसिक और सामाजिक आघात न पहुंचे। बिना मतलब का झूठ ज्यादा खतरनाक होता है।
---------*-------------सुनीता रानी राठौर
                     ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)

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