13 अगस्त को प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए भाषण से ऐसा महसूस हुआ कि टैक्स के मामले में पारदर्शिता बढ़ेगी और ईमानदार करदाताओं को प्रोत्साहित किया जाएगा। वह एक प्लेटफार्म की शुरुआत कर रहे हैं जिसका नाम दिया गया है- 'ट्रांसपेरेंट टैक्सेशन; ऑनरिंग द ऑनेस्ट' यानी 'पारदर्शी कराधान- ईमानदार का सम्मान'।
यह मंच हमारी कर प्रणाली में सुधार और उसे सरल बनाने के प्रयासों को मजबूती देगा। कई ईमानदार करदाताओं के लिए फायदेमंद होगा जिनकी कड़ी मेहनत देश को आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करती है।
सुधार करते हुए कंपनी कर की दर को 30% से घटाकर 22% करना एवं विनिमय इकाइयों के लिए 15% करने का विचार है ऐसे ही अन्य जगहों पर भी बदलाव कर रियायत देने का प्रयास है।
ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका जैसे विकसित देशों में करदाताओं को कुछ खास रियायत मिलती हैं साथ ही सामाजिक सुरक्षा भी। लेकिन भारत में तो करदाता को ही सामाजिक सुरक्षा से वंचित कर दिया जाता है। इसका उदाहरण आयुष्मान भारत योजना है। कितनी विडंबना है कि करदाताओं के पैसे से ही योजनाएं चलाई जाती है लेकिन करदाता को इसका लाभ नहीं मिलता। जैसे--रेलवे के एसी क्लास के रिजर्वेशन में यदि टैक्स पेयर्स को थोड़ी राहत मिले या इसी तरह की कुछ अन्य रियायतें दी जाए तो टैक्स देने वाले लोग प्रोत्साहित होंगे।
हमारे देश में घोषणाएं तो बहुत होती हैं पर उसे पूर्णता प्रदान नहीं की जाती। इस नई घोषणा का भी जमीनी स्तर पर कितना अमल हो पाएगा यह तो आगे समय ही बताएगा। अगर करदाताओं को रियायत मिलती है तो बहुत हीं खुशी की बात होगी।
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सुनीता रानी राठौर
ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)
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