Friday, 7 August 2020

क्या ऑनलाइन ठगी को रोका जा सकता है?


 ऑनलाइन ठगी यानी साइबर क्राइम आज तीव्र गति से फैलता जा रहा है। खुद की सतर्कता ही साइबर क्राइम से बचने का उपाय है।
    अनजान कॉल से सतर्क रहें। बैंकिंग की डिटेल किसी से साझा न करें।
 फर्जी ईमेल को पहचानें। इसमें शाब्दिक गलतियां होती हैं। अपने इंटरनेट बैंकिंग और बैंकिंग ट्रांजैक्शन का इस्तेमाल कभी भी सार्वजनिक स्थान पर न करें। अपने पर्सनल लैपटॉप, कंप्यूटर या मोबाइल से ही करें। 
   सोशल मीडिया पर हैकिंग और डाटा चोरी का ज्यादातर घटनाएं वायरस के जरिए अंजाम दी जाती है। ऐसे में अपने मोबाइल कंप्यूटर में एंटीवायरस लगाएं या एप्पल जैसे ब्रांड का कंप्यूटर रखें ।
   वायरस और हैकिंग से बचना चाहते हैं तो फेसबुक, व्हाट्सएप, ईमेल पर आने वाले अनचाहे लिंक पर क्लिक न करें।
   डेबिट कार्ड या क्रेडिट कार्ड या सोशल मीडिया अकाउंट का पासवर्ड समय-समय पर बदलते रहें। इंटरनेट बैंकिंग या किसी जरूरी अकाउंट में लॉगिन करें तो काम खत्म कर अपने अकाउंट को लॉगआउट करना न भूले। 
  ऑनलाइन अपराध का अगर शिकार हो गए हों तो आप संबंधित अथॉरिटी या संस्था से शिकायत करें। जैसे खाते से पैसे निकले हो तो इसकी जानकारी तुरंत बैंक के कस्टमर केयर को दें या  कार्ड ब्लॉक कर दें। मामला ज्यादा बड़ा हो तो उसकी शिकायत जिला के मौजूद पुलिस की साइबर सेल में करें। संबंधित पेज का स्क्रीनशॉट, डेट और टाइम आदि सबूतों को सहेज कर रखें और संबंधित अथॉरिटी को देकर अपराधी को पकड़वाने में मददगार साबित हों। ऑनलाइन ठगी को अपनी और पुलिस की साइबर सेल की सतर्कता और सक्रियता के द्वारा ही रोका जा सकता है।
---------------*-----------सुनीता रानी राठौर
                       ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)

No comments:

Post a Comment