संकल्प से बड़ी शक्ति ईश्वरीय शक्ति है पर मनुष्य के पास सबसे बड़ी शक्ति है तो वह है संकल्प शक्ति।
जब हम मन में दृढ़ संकल्प होकर किसी कार्य को करने के लिए आगे बढ़ते हैं तभी उस कार्य को पूर्ण कर पाते हैं। ईश्वर भी हमारी तभी मदद करते हैं जब हम खुद संकल्पबद्ध हो कर आगे बढ़ते हैं।
काम पूर्ण होना ना होना वह अपने हाथ में नहीं है पर मन में दृढ़ शक्ति का होना जरूरी है।
कभी-कभी ईश्वरीय प्रकोप के आगे इंसान हार जाता है पर पुनः आत्मशक्ति के साथ वह जीवन पथ पर आगे बढ़ता है क्योंकि उसके हृदय में संकल्प शक्ति होती है। बाढ़ का प्रकोप हो या भूकंप की तबाही सब कुछ नष्ट होने पर भी इंसान में जीने की जिजीविषा रहती है और वह खुद के मनोबल को ऊंचा उठा आगे बढ़ता है क्योंकि उसके हृदय में संकल्प शक्ति होती है। ईश्वर ने हमें हाथ- पैर और बुद्धि बल से नवाजा है। विवेकशील प्राणी होने के नाते हीं वह संकल्प शक्ति द्वारा उठ खड़ा होता है।
इस तरह कह सकते हैं कि मनुष्य के पास सबसे बड़ी शक्ति संकल्प शक्ति है।
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सुनीता रानी राठौर
ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)
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