गरीबी कम करने में नारियल का महत्व
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विश्व नारियल कोकोनट- डे और ओणम पर्व पर आप सभी को हार्दिक शुभकामनाएं।
नारियल का पेड़ समुद्री किनारे पर ज्यादातर मात्रा में पाए जाते हैं क्योंकि वो वातावरण नारियल-पेड़ के लिए अनुकूल होता है। केरल जहां ओणम का पर्व धूमधाम से मनाया जाता है वहां नारियल के पेड़ बहुतायत मात्रा में पाये जाते हैं।
गरीब जन नारियल के पेड़ और फल का तरह- तरह से उपयोग करते हुए अपने स्तर पर व्यापार कर अपनी रोजी-रोटी का साधन जुटा लेते हैं। गली-गली नारियल बेचकर आमदनी का स्रोत बना लेते हैं।
नारियल का पेड़ हो या नारियल का फल सब खूबियां बटोरे हुए है। हर तरह से इसका इस्तेमाल होता है। नारियल का सूखा पेड़ नाव बनाने में,पत्ते झाड़ू, चटाई बनाने में, तरह-तरह के सजावटी सामान बनाने में बखूबी इस्तेमाल होता है।
इसी तरह कच्चा नारियल पानी पीने में, पक्का नारियल मंदिर पूजन के साथ-साथ स्वादिष्ट मिठाई तेल आदि बनाने में प्रयोग होता है। नारियल से बने सामानों का प्रचुर मात्रा में निर्यात भी होता है। जहां पर नारियल ज्यादा मात्रा में होता है वहां के गरीब व्यक्ति भी छोटे- छोटे व्यापार कर अपनी स्थिति को अच्छी बना लेते हैं।
कम पैसे में व्यापार की शुरुआत कर प्रसिद्ध व्यापारी बनने में भी नारियल का बहुत योगदान होता है। इसलिए कहा गया है कि गरीबी कम करने में नारियल का बहुत महत्व है।
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सुनीता रानी राठौर
ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश
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