चरित्रवान शिक्षक कैसे तैयार होंगे?
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शिक्षक वह पथप्रदर्शक होते हैं जो हमें किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाते हैं। शिक्षक को ईश्वर तुल्य माना जाता है।
आज भी बहुत से शिक्षक शिक्षकीय आदर्शों पर चलकर एक आदर्श मानव समाज की स्थापना में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
शिक्षक समाज में उच्च आदर्श स्थापित करने वाला व्यक्तित्व होता है। शिक्षक विद्यार्थी का जीवन गढ़ते हैं। मार्गदर्शक बनकर समाज को भी राह दिखाते हैं। इसलिए शिक्षक को 'समाज का शिल्पकार' भी कहा जाता है।
वर्तमान समय में कुछ शिक्षक ऐसे हैं जो शिक्षा को व्यवसाय बनाकर शिक्षक के नाम पर धब्बा लगा रहे हैं। चरित्रवान शिक्षक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका हमारी शिक्षा नीति की भी होती है अगर उच्च मूल्य स्थापित करने वाली शिक्षा नीति हो तो शिक्षक भी चरित्रवान बनेंगे।
आर्थिक, सामाजिक,सांस्कृतिक विकास के साथ ही साथ शिक्षक का चरित्र निर्माण भी देश की शिक्षा नीति पर निर्भर होता है। शिक्षक प्रशिक्षण काल में उन मानवीय गुणों पर आधारित पाठ्यक्रम हो जिसमें उनके अंतर्मन में ईर्ष्या, द्वेष, स्वार्थ, लालच ,अहंकार पक्षपातपूर्ण रवैया आदि दुर्गुणों का निराकरण और समभाव, सद्भावना, परोपकार, दया, सहानुभूति आदि मानवीय गुणों का समावेश हो। इस तरह के प्रशिक्षण के द्वारा ही उनके हृदय में नैतिक भाव का समावेश होगा और वे अनैतिक कार्यों से दूर रहेंगे। वह अपने धर्म को ईमानदारी पूर्ण तरीके से निभा सकेंगे। चरित्रवान शिक्षक के रूप में आदर्श बनकर विद्यार्थियों के पथ प्रदर्शक बनेंगे।
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सुनीता रानी राठौर
ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)
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