हमारे देश में भी अब कोरोना वायरस तीव्र गति से पैर पसार रहा है। संक्रमितों की संख्या 1,38,825 हो चुकी है। मृतकों की संख्या 4000 से ऊपर पहुंच चुकी है । 24 घंटे में 7000 नए मामले आना बहुत ही चिंतनीय और भयावह स्थिति को दर्शा रहा है। इसलिए जरूरी है कि समझदारी से कोरोना के खिलाफ अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं लें।
यह सर्वविदित है कि हमारा देश अमेरिका, इटली,चीन आदि विकसित देशों से स्वास्थ्य उपकरण, अस्पताल व डॉक्टर के मामले में बहुत ही पीछे है। जितनी टेस्टिंग की जरूरत है उतनी नहीं हो पा रही है क्योंकि यह बहुत ही खर्चीला है। हमारे पास इतना सामर्थ्य नहीं है, ना ही उतनी मात्रा में जरूरी उपकरण उपलब्ध है। जब विकसित देश वायरस पर नियंत्रण पाने में असक्षम महसूस कर रहे हैं तो हम सरकार और अस्पताल के भरोसे कहां तक खुद को बचा पाएंगे? यह विचारणीय प्रश्न है।
डब्ल्यूएचओ के अनुसार यह बीमारी जल्द जाने वाली नहीं है। हमें इसके साथ ही जीना होगा क्योंकि इसकी कोई दवा भी नहीं है और ना ही कोई वैक्सीन उपलब्ध है।
अतः विवेकपूर्ण तरीके से सरकार द्वारा निर्देशित सावधानियों और सुझावों पर अमल करते हुए हम जान और जहान दोनों को सुरक्षित रख सकते हैं। इस घड़ी में एहतियात बरतने की अतिआवश्यकता है।
सोशल व फिजिकल डिस्टेंसिंग का पालन करें। नियमित रूप से साबुन से हाथ धोते रहें। खुद को इसके रोगियों से दूर रखें।
सब्जी और फलों को खाने से पहले अच्छी तरह धो लें। घर को साफ रखें। खांसते वक्त अपने नाक और मुंह को टिशू या कोहनी से ढक लें।
जिन जगहों या देशों में इस बीमारी का प्रकोप है वहां यात्रा करने से परहेज करें। घर से बाहर निकलने पर मास्क का प्रयोग जरूर करें। बात करते समय निश्चित दूरी बनाकर रखें।
निश्चित ही हम सबके लिए यह मुश्किल घड़ी है पर सावधानियां बरत कर घातक वायरस से स्वयं व परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं। अब वक्त आ गया है कि कोरोनावायरस के खिलाफ अपनी सुरक्षा की जिम्मेदारी स्वयं लें।
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सुनीता रानी राठौर
ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)
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