Sunday, 3 May 2020

लॉकडाउन में एक -दूसरे राज्यों के लोगों को भेजने में बरतें सावधानियां

लॉकडाउन में एक -दूसरे राज्यों के लोगों को भेजने में बरतें सावधानियां
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वर्तमान परिस्थिति और कोरोनावायरस के प्रकोप को देखते हुए जिस तरह से लॉकडाउन किया गया, लोग बेरोजगार हुए ,भुखमरी के डर से लोग घर जाने को बाध्य हुए, इस ज्वलंत मुद्दे और लोगों की मजबूरी व परेशानी को देखते हुए सरकार और प्रशासन को मजबूरन प्रवासी श्रमिक, छात्र व जरूरतमंद लोगों को अपने घर भेजने के लिए हामी भरनी पड़ी।
     प्रवासियों को अपने गांव भेजने के लिए महाराष्ट्र जैसे राज्य ने 10000 बसों का इंतजाम किया है ।भेजने से पहले बहुत सावधानियां व सतर्कता बरती जा रही है और इसकी आवश्यकता भी है ।जैसे ----
      *जिस राज्य में निवासी जाएं वहां की आपदा प्रबंधन समिति को सूचित किया जाए। 
   *भेजने से पहले सभी श्रमिक, छात्र, नागरिक का हेल्थ टेस्टिंग की जाए। हेल्थ चेकअप होने के बाद ही यात्रा का पात्र माना जाए ।अगर कोई कोरोना पॉजिटिव हो या संदेहास्पद स्थिति में हो उन्हें यात्रा की अनुमति नहीं दी जाए । 
   *प्रशासन सभी को विशेष पास उपलब्ध कराएं ताकि उन्हें बीच में कोई पुलिस वाला परेशान ना करें।
 *संभव हो सके तो पॉकेट खर्च के लिए कुछ आर्थिक मदद भी की जाए क्योंकि बहुत दिनों से मजदूर बेरोजगार बैठे हैं।
   *सभी राज्यों ने अपना -अपना हेल्प नंबर जारी किए हैं। परेशानी होने पर हेल्प नंबर से मदद लें।
     *जिस तरह से आज तेलंगाना से ट्रेन झारखंड के लिए रवाना हुई और उसमें बीमारी के प्रति सावधानी बरतते हुए 72 के जगह करीब 54 लोगों को शारीरिक दूरी का ध्यान रखते हुए एक-एक डब्बे में बैठाया गया ठीक उसी तरह बसों या निजी वाहन से जाते समय  फिजिकल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना अनिवार्य है।
   *इस बीमारी को ध्यान में रखते हुए वाहन में चलते समय ,बैठते समय ,उतरते समय शारीरिक दूरी का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है।
    *अपने राज्य में पहुंचने पर वहां के प्रशासन का साथ देते हुए 14 दिन क्वॉरेंटाइन में भी रहें। फिर हेल्थ चेकअप के बाद अपने-अपने घरों के लिए प्रस्थान करें ।
    *परेशानी में भी धैर्य का परिचय दें। भीड़ ना बढ़ाएं ।एक साथ ज्यादा लोगों के खड़े होने पर आप खुद अपना दुश्मन बन सकते हैं। अतः इससे बचें ।एक जगह एक साथ ना खड़े हों।
    *खाने पीने की चीजें लेते समय सावधानियां बरतें ।कुछ भी छूने से पहले और बाद में साबुन से अच्छी तरह हाथ धो लें।
     *व्यवहारों में सहनशीलता वह मधुरता लाएं। किसी के तंज कसने पर कि तुम बाहर से आए हो सब्र से काम लें, आक्रामक ना बनें।
     *अगर इस बीमारी से संबंधित कोई लक्षण महसूस हो बिना घबराए डॉक्टर से संपर्क करें। अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें और अपने परिवार का भी।
    * समझदारी अपनाते हुए हम इस बीमारी से खुद और परिवार की रक्षा कर सकते हैं ।इस बात को हमेशा ध्यान में रखें।
                            सुनीता रानी राठौर 
                           ग्रेटर नोएडा( उत्तर प्रदेश)

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