कोरोना के चलते लॉकडाउन की सफलता और संभावनाएं
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कोरोना की वजह से जिस तरह आपातस्थिति की भांति लॉकडाउन किया गया उससे देश की अर्थव्यवस्था चरमरा गई। सरकार का खजाना तो खाली हुआ हीं लाखों लोग बेरोजगार हो गए। गरीबों की रोजी-रोटी छिन गई। आवागमन का साधन न होने से लोगों को अकस्मात मुसीबतों का सामना भी करना पड़ा।
इसके बावजूद मजबूरी में उठाए गए कदम लॉक डाउन से सफलता भी हासिल हुई। वायरस फैलने की शुरुआती दौर में लॉकडाउन कर देने से इस महामारी पर नियंत्रण करने में काफी कामयाबी मिली।
भारत के इस कदम की तारीफ करते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन(WHO) के डॉक्टर डेविड नाबारो ने भी कहा है कि 'भारत में जल्द लॉक डाउन कर अपने देश को यूरोप और अमेरिका होने से बचा लिया । भारत कोरोनावायरस लड़ाई में अहम योद्धा है ।अगर इस फैसले में देरी करता तो बुरे परिणाम भुगतने पड़ते । उन्होंने इस पहल को सराहनीय कदम बताया ।
लॉकडाउन में सबसे ज्यादा सफलता मध्यप्रदेश को मिली जिन्होंने तुरंत एक्शन लेते हुए किराना, दूध दवा को अनिवार्य कर अन्य सभी पर रोक लगाकर रिपोर्ट नज़र में रखते हुए बीमारी पर नियंत्रण की। दूसरे राज्य में भी काफी हद तक सफलता मिली। लॉक डाउन की विशेष सफलता---- वायु प्रदूषण खत्म होने से प्रकृति सुंदर और स्वच्छ दिखाई देने लगी। प्रदूषण करीब 40% कम हो गया ।सोशल मीडिया और हिंदुस्तान न्यूज़पेपर के अनुसार सहारनपुर व जालंधर के लोगों ने खुशियां जताते हुए फोटो खींचकर दिखाया कि हिमालय की बर्फीली चोटियों का सुंदर नजारा दूर-दूर से स्पष्ट दिखने लगा जो अद्भुत खुशी की बात है ।ये सब प्रदूषण कम होने की वजह से हासिल हुआ। रात में आसमान में स्पष्ट तारों की झलक देखने को मिली। विलुप्त पक्षी भी नजर आने लगे। उन्हें नया जीवनदान मिला।
लॉक डाउन के कारण वातावरण पर जो सकारात्मक असर पड़ा, उसमें उन मरीजों को विशेष लाभ मिला है जो हृदय रोगी हैं । वातावरण में प्रदूषक तत्व में कमी आने से हृदय रोगियों के श्वसन तंत्र से जुड़ी एलर्जी और इन्फेक्शन का खतरा घटा है । प्रदूषण के कारण जो मौतें हो रही थी उसने अब कमी आएगी ।हवा की गुणवत्ता में करीब 40 % सुधार हुआ ।
लॉक डाउन के चलते वाहन फैक्ट्री सब बंद होने से हवा में हानिकारक गैसें आदि का प्रभाव खत्म हो गया । गंगा - यमुना जैसे नदियों का प्रदूषित जल भी स्वच्छ हो गया । जिसे स्वच्छ करने के लिए कितने वर्षों से सरकार यत्न कर रही थी ,आज लॉकडाउन के चलते फैक्ट्रियों के गंदे पानी ना गिरने से नदियों का जल साफ दिखाई देने लगा जो भविष्य के लिए सुखद और कल्याणकारी साबित होगा।
कंपनियां वर्क फ्रॉम होम के द्वारा अपना कार्य सुचारू रूप से करवा सकती हैं ,यह भी देखने को मिला। स्कूल ,कॉलेज व कोचिंग क्लासेस ऑनलाइन द्वारा पढ़ाई जारी रख सकते हैं ।ज्यादा ठंडी व गर्मी के वजह से स्कूल बंद होने पर भी उनकी पढ़ाई पर जो बुरा असर पड़ता था अब उसे रोका जा सकता है।
लॉकडाउन के चलते संभावनाएं -----लॉकडाउन से परिस्थितिवश हम अपने आप को इतना आंक पाए कि हम कठिन से कठिन परिस्थितियों में सफलता पा सकते हैं ।
एकजुटता व समझदारी का परिचय देते हुए दिल्ली मुंबई कोलकाता जैसे महानगरों में वाहनों पर 'अॉड- इन -वन ' नियम का पालन करते हुए वायु प्रदूषण पर रोक लगा सकते हैं।
फैक्ट्रियों के प्रदूषित जल व शहरों के गंदे पानी को नदियों में ना डालकर जल को प्रदूषित होने से बचाया जा सकता है ।
आपात स्थिति में आवागमन बंद होने पर भी ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखा जा सकता है ।कंपनियां वर्क फ्रॉम होम द्वारा कार्य को सुचारू रखते हुए देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में सहयोग कर सकती है।
फैक्ट्रियों के कर्मचारियों की संख्या कम कर काम को जारी रखा जा सकता है ।
हम आपात स्थिति में भी अपने काम को सुचारू ढंग से जारी रख सकते हैं ।
कोरोना के चलते लॉकडाउन में परेशानियां तो आई पर हमें सफलताएं भी मिली और भविष्य के लिए असीम संभावनाएं भी नजर आए। रचनात्मक कदम उठाते हुए हम विषम परिस्थितियों का सामना कर सकते हैं ।
सुनीता रानी राठौर
ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)
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