Monday, 4 May 2020

लॉक डाउन से धीरे-धीरे बाहर आ रहा है भारत

लॉक डाउन से धीरे-धीरे बाहर आ रहा है भारत
--------------------------------------------------------
हां ,वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए करोना वायरस के प्रति सतर्कता बरतते हुए अपनी अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने हेतु भारत सरकार लॉकडाउन से धीरे-धीरे बाहर निकलने का प्रयास कर रही है। 
     नोएडा और दूसरे बड़े शहरों में दफ्तर और उद्योगों को राहत दी जा रही है। कर्मचारियों की संख्या कम रखने और सावधानी बरतने के शर्त पर सरकारी , निजी ऑफिस खुलने लगे हैं।
     निर्माण कार्य और उद्योगों को चलाने की सशर्त मंजूरी दी जा रही है। शहरी क्षेत्र में उन साइट पर निर्माण होगा जहां निर्माण साइट पर ही मजदूर रहते हैं।
     एक्सपोर्ट यूनिट को भी चलाया जाएगा।     
 33 फीसदी स्टाफ के साथ निजी दफ्तर भी खुल सकेंगे। आवश्यक वस्तुओं के संबंध में ई कॉमर्स गतिविधियों को भी अनुमति दी जा रही है।
   ऑरेंज और ग्रीन जोन में किराना, सब्जी, फल दवाई, स्टेशनरी आदि सभी जरूरत की छोटी-बड़ी दुकानें खोली जा रही हैं।
 आर्थिक मजबूती हेतु सरकार ने शराब की दुकानें भी खोलने की इजाजत दे दी है।
 ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि संबंधी और दूसरे कामों हेतु छूट दी जा रही है।
 जिस तरह लॉकडाउन की वजह से श्रमिक वापस गांव जा चुके हैं और जा रहे हैं उससे उद्योगपतियों की चिंता बढ़ने लगी है। इतने दिनों से फैक्ट्रियां बंद होने के वजह से कामगारों का चले जाना चिंतनीय है । 
अर्थव्यवस्था पर बुरा असर ना पड़े लोगों का रोजगार न छूटे ,बेरोजगारी के कारण कहीं लोग गलत कदम न उठाने लगे । इन सभी मुख्य बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार धीरे-धीरे एहतियात बरतते हुए लॉक डाउन से बाहर निकलने का प्रयास कर रही है ताकि लोगों के रोजगार पर बुरा असर ना पड़े ।
देश हित में लॉक डाउन करना भी जरूरी था अब देशहित और जनता की नागरिकों की भलाई हेतु लॉक डाउन से बाहर आना भी अनिवार्य है पर सावधानियों का ध्यान रखना भी अति आवश्यक है। नहीं तो हमें गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं । जिस तरह से आज दिल्ली में शराब की दुकानों पर जबरदस्त भीड़ उमड़ी उससे भयावह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। मजबूरन सरकार को दुकानें बंद करनी पड़ी। आगे ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए।
 अतः सतर्कता बरतते हुए सरकार के फैसलों में जनता को भी अहम योगदान देने की जरूरत है।            
                         सुनीता रानी राठौर
                   ग्रेटर नोएडा ( उत्तर प्रदेश)

No comments:

Post a Comment