जी हां, इसमें कोई दो राय नहीं कि स्वस्थ जीवन के आधार हैं पेड़-पौधे। पेड़-पौधे वातावरण में मौजूद हानिकारक कार्बन सोखकर शुद्ध जीवनदायिनी ऑक्सीजन देते हैं जो कि हमारे जीवन के लिए संजीवनी बूटी समान है। आपके आसपास जितने अधिक पेड़ होंगे उतना ही प्रदूषण कम होगा। पर्यावरण की सुरक्षा में पेड़-पौधे का बहुत अधिक महत्व है। प्रकृति मुफ्त में ऑक्सीजन देकर मानव जीवन की रक्षा करती है।
एक औसत आकार का पेड़ 1 वर्ष में इतनी ऑक्सीजन देता है जिससे 4 लोगों का परिवार पूरे साल सांस ले सकता है। पेड़ों की वजह से बारिश भी होती है और बारिश से कृषि-उद्योग फलता- फूलता है। साथ ही अधिकांश पेड़ औषधीय गुणों की वजह से स्वास्थ्य सुधार में भी सहायक होते हैं।
पेड़ों को देखने से भी स्वास्थ्य ठीक होता है। जिन अस्पतालों में पेड़ होते हैं वहां मरीज जल्दी स्वस्थ होते हैं।
औद्योगिकरण और शहरीकरण के वजह से जिस तीव्रता से अंधाधुंध वनों की कटाई हुई उस क्षति को पूर्ण करने के लिए सरकार और जनता जागरूकता के साथ वृक्षारोपण अभियान पर बल दे रही है। लगातार बढ़ते प्रदूषण और ग्लोबल वार्मिंग का असर कम करने के लिए शहरों के बीचो-बीच बड़े-बड़े पेड़-पौधे लगाए जा रहे हैं।
जापान में लकड़ी से बनी दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बनाई जा रही है। 350 मीटर ऊंची इस इमारत के हर माले पर पेड़ लगाए जाएंगे।
भारत में भी वृक्षारोपण अभियान के कारण वातावरण का स्वास्थ्य सुधर रहा है जिसके फल स्वरुप भारतीयों का भी स्वास्थ्य सुधर रहा है।
इस तरह हम कह सकते हैं कि पेड़-पौधे स्वस्थ जीवन के आधार हैं। हमें अत्यधिक पौधारोपण कर वातावरण को प्रदूषण रहित बनाना है। पौधारोपण जीवन के जरूरी कार्यों में समाहित कर जीवन को स्वस्थ व खुशहाल बनाना है।
सुनीता रानी राठौर
ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)
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